💐अमीरुल मोमेनीन के शुभ जन्म दिवस पर शहीदों के घर वालों की इस्लामी इंक़ेलाब के नेता से मुलाक़ात के कुछ यादगार पल।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
❤1
💐सबसे कठिन काम के लिए हमेशा तैयार
▪️अमीरुल मोमेनीन के कंधों पर हमेशा सबसे कठिन काम होते थे, जिस काम में सब से ज़्यादा ख़तरा होता था, उसे वे स्वीकार करते थे। जिन जगहों पर सब पीछे हट जाते थे, हज़रत आगे होते थे, जहाँ, शोहरत, ख्याति, फ़ायदा होता और उस के लिए आगे बढ़ने वाले होते तो अमीरुल मोमेनीन ऐसे काम में आगे नहीं आते थे, ख़तरनाक जगहें जिसका नाम आने पर पहलवानों को पसीना आ जाए और वे पैग़म्बरे इस्लाम के सामने सिर झुका लेते थे कि कहीं पैग़म्बर से उनकी निगाह न मिल जाए और वे कह बैठें ऐ फ़ुला! क्या तुम जाना चाहोगे? ऐसी सभी जगहें अमीरुल मोमेनीन के ज़िम्मे थीं।
इमाम ख़ामेनेई
22 जून 1984 को जुमे की नमाज़ के ख़ुतबे से
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
▪️अमीरुल मोमेनीन के कंधों पर हमेशा सबसे कठिन काम होते थे, जिस काम में सब से ज़्यादा ख़तरा होता था, उसे वे स्वीकार करते थे। जिन जगहों पर सब पीछे हट जाते थे, हज़रत आगे होते थे, जहाँ, शोहरत, ख्याति, फ़ायदा होता और उस के लिए आगे बढ़ने वाले होते तो अमीरुल मोमेनीन ऐसे काम में आगे नहीं आते थे, ख़तरनाक जगहें जिसका नाम आने पर पहलवानों को पसीना आ जाए और वे पैग़म्बरे इस्लाम के सामने सिर झुका लेते थे कि कहीं पैग़म्बर से उनकी निगाह न मिल जाए और वे कह बैठें ऐ फ़ुला! क्या तुम जाना चाहोगे? ऐसी सभी जगहें अमीरुल मोमेनीन के ज़िम्मे थीं।
इमाम ख़ामेनेई
22 जून 1984 को जुमे की नमाज़ के ख़ुतबे से
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
💐 अज़ीज़ जनरल सुलैमानी को हम एक विचारधारा, एक मार्ग,एक सिखाने वाले स्कूल के तौर पर देखें।
इमाम ख़ामेनेई
17 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
इमाम ख़ामेनेई
17 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
💐 अमरीकियों ने उस शख़्स की हत्या की जो आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष में सबसे बड़ा और सबसे ताक़तवर कमांडर था!
जंग के मैदान में उसका सामना नहीं किया, अमरीकी सरकार ने धोखे से और कायरता से उनकी हत्या कर दी! इस करतूत से अमरीका के चेहरे पर कलंक का टीका लग गया।
इमाम ख़ामेनेई
17 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
जंग के मैदान में उसका सामना नहीं किया, अमरीकी सरकार ने धोखे से और कायरता से उनकी हत्या कर दी! इस करतूत से अमरीका के चेहरे पर कलंक का टीका लग गया।
इमाम ख़ामेनेई
17 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
💐 हाज क़ासिम दसियों बार शहीद होते होते रह गए; लेकिन अल्लाह की राह में और फ़र्ज को अंजाम देने में और अल्लाह की राह में जेहाद में किसी चीज़ की परवाह नहीं करते थे; न तो उन्हें दुश्मन की परवाह थी, न ही कठिनाइयों की परवाह थी।
इमाम ख़ामेनेई
3 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
इमाम ख़ामेनेई
3 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
💐 शहीद सुलैमानी ने क़ौमों को रेज़िस्टेंस का सॉफ़्टवेयर और संघर्ष का नक़्शा सिखाया।
इमाम ख़ामेनेई
16 दिसम्बर 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
इमाम ख़ामेनेई
16 दिसम्बर 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
💐 शहीद सुलैमानी ने क्षेत्र के राष्ट्रों की मदद से या क्षेत्र के राष्ट्रों की जो मदद की उसके ज़रिए उन्होंने वेस्ट एशिया में अमरीका की सभी साज़िशों को नाकाम बना दिया।
इमाम ख़ामेनेई
8 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
इमाम ख़ामेनेई
8 जनवरी 2020
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
🏡 माँ की मोहब्बत के साए में परवरिश, बच्चे की तरबियत का बेहतरीन तरीक़ा है
◾घर से बाहर के काम में मसरूफ़ होने की वजह से औरतें, बच्चों की पैदाइश से दामन बचाती हैं और इंसानी फ़ितरत के बरख़िलाफ़, ज़नाना जज़्बात का गला घोंटती हैं, अल्लाह उनके इस काम से राज़ी नहीं है। जो औरतें बच्चों की पैदाइश, औलाद की परवरिश, बच्चे को दूध पिलाने और मोहब्बत से अपनी गोद में पालने और बड़ा करने पर दूसरे कामों को, जो उनके बिना भी अंजाम पा सकते हैं, प्राथमिकता देती हैं, एक बड़ी ग़लती का शिकार हैं। इंसान के बच्चे की तरबियत का बेहतरीन तरीक़ा यह है कि माँ की मोहब्बत के साए में परवरिश पाए। वो औरतें जो अपनी औलाद को इस तरह की अल्लाह की नेमत से वंचित रखती हैं, ग़लती का शिकार हैं। उनकी वजह से औलाद को भी नुक़सान पहुंचता है, ख़ुद भी नुक़सान उठाती हैं और समाज का भी नुक़सान करती हैं।
इमाम ख़ामेनेई
10/03/1997
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
◾घर से बाहर के काम में मसरूफ़ होने की वजह से औरतें, बच्चों की पैदाइश से दामन बचाती हैं और इंसानी फ़ितरत के बरख़िलाफ़, ज़नाना जज़्बात का गला घोंटती हैं, अल्लाह उनके इस काम से राज़ी नहीं है। जो औरतें बच्चों की पैदाइश, औलाद की परवरिश, बच्चे को दूध पिलाने और मोहब्बत से अपनी गोद में पालने और बड़ा करने पर दूसरे कामों को, जो उनके बिना भी अंजाम पा सकते हैं, प्राथमिकता देती हैं, एक बड़ी ग़लती का शिकार हैं। इंसान के बच्चे की तरबियत का बेहतरीन तरीक़ा यह है कि माँ की मोहब्बत के साए में परवरिश पाए। वो औरतें जो अपनी औलाद को इस तरह की अल्लाह की नेमत से वंचित रखती हैं, ग़लती का शिकार हैं। उनकी वजह से औलाद को भी नुक़सान पहुंचता है, ख़ुद भी नुक़सान उठाती हैं और समाज का भी नुक़सान करती हैं।
इमाम ख़ामेनेई
10/03/1997
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
🎥एतेराज़ सही है, लेकिन उपद्रव अस्वीकार्य है
हम दुश्मन के मुक़ाबले में झुकेंगे नहीं बल्कि उसे धूल चटा देंगे
◾ये प्रदर्शन मुख्य रूप से कारोबारियों की तरफ़ से थे और उनकी बात सही थी। कुछ लोग, अनेक शीर्षक के तहत, अनेक नामों से विध्वंस करने, मुल्क को अशांत करने के लिए मोमिन, सही और इंक़ेलाबी व्यापारी की आड़ लें और उनके एतेराज़ का दुरुपयोग करें, उपद्रव करें, किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
हम दुश्मन के मुक़ाबले में झुकेंगे नहीं बल्कि उसे धूल चटा देंगे
◾ये प्रदर्शन मुख्य रूप से कारोबारियों की तरफ़ से थे और उनकी बात सही थी। कुछ लोग, अनेक शीर्षक के तहत, अनेक नामों से विध्वंस करने, मुल्क को अशांत करने के लिए मोमिन, सही और इंक़ेलाबी व्यापारी की आड़ लें और उनके एतेराज़ का दुरुपयोग करें, उपद्रव करें, किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
🎥अपनी सलाहियतों और तरक़्क़ियों की ओर से ग़ाफ़िल क़ौम, दुश्मन के सामने सरेंडर हो जाती है
◾आज के दौर की सॉफ़्ट वॉर में एक हथकंडा, दुश्मन और कुछ भ्रष्ट या ग़ाफ़िल लोगों का इस राष्ट्र की उपलब्धियों और सलाहियतों के बारे में ख़ामोश रहना है। अगर कोई क़ौम अपनी उपलब्धियों की ओर से ग़ाफ़िल हो जाए, अपनी सलाहियतों को न समझ पाए, अपनी तरक़्क़ियों पर यक़ीन न करे तो वह क़ौम अपमानित होगी।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
◾आज के दौर की सॉफ़्ट वॉर में एक हथकंडा, दुश्मन और कुछ भ्रष्ट या ग़ाफ़िल लोगों का इस राष्ट्र की उपलब्धियों और सलाहियतों के बारे में ख़ामोश रहना है। अगर कोई क़ौम अपनी उपलब्धियों की ओर से ग़ाफ़िल हो जाए, अपनी सलाहियतों को न समझ पाए, अपनी तरक़्क़ियों पर यक़ीन न करे तो वह क़ौम अपमानित होगी।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
❤1
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
🎥शहीद सुलैमानी की तीन नुमायां ख़ुसूसियतें
◾शहीद सुलैमानी ईमान, पाक नीयत और अमल वाले इंसान थे। ये तीन ख़ुसूसियतें। शोहरत, तारीफ़ और लोगों के बीच छवि बनाने के लिए काम नहीं करते थे।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
◾शहीद सुलैमानी ईमान, पाक नीयत और अमल वाले इंसान थे। ये तीन ख़ुसूसियतें। शोहरत, तारीफ़ और लोगों के बीच छवि बनाने के लिए काम नहीं करते थे।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
❤1
📖 आख़िरकार कामयाबी फ़िलिस्तीनी अवाम की होगी
◾इस्लामी दुनिया यह न भूले कि इस अहम व निर्णायक मसले में इस्लाम के मुक़ाबले में, मुस्लिम क़ौम के मुक़ाबले में, मज़लूम फ़िलिस्तीन के मुक़ाबले में जो खड़ा है वह अमरीका है, फ़्रांस है, ब्रिटेन है। यह इस्लामी जगत न भूले, इसे समझे! अपने लेन-देन में, अपने मामलों में, अपनी समीक्षाओं में यह न भूले कि कौन खड़ा है और उन मज़लूम अवाम और मज़लूम क़ौम पर ज़ुल्म कर रहा है। यह सिर्फ़ ज़ायोनी सरकार नहीं है। अलबत्ता हमें शक नहीं “अल्लाह का वादा सच्चा है और जो लोग यक़ीन नहीं रखते वो आपको (जोश दिलाकर) बेबर्दाश्त न कर दें।” (सूरए रूम-आयत-60) जिन लोगों को अल्लाह के वादे पर यक़ीन नहीं होता वो अपनी बदगुमानियों से आपको डिगा न दें, आपका इरादा कमज़ोर न कर दें। इंशाअल्लाह निश्चित फ़तह जो ज़्यादा दूर नहीं, फ़िलिस्तीन के अवाम और फ़िलिस्तीन की होगी।
इमाम ख़ामेनेई
1/11/2013
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
◾इस्लामी दुनिया यह न भूले कि इस अहम व निर्णायक मसले में इस्लाम के मुक़ाबले में, मुस्लिम क़ौम के मुक़ाबले में, मज़लूम फ़िलिस्तीन के मुक़ाबले में जो खड़ा है वह अमरीका है, फ़्रांस है, ब्रिटेन है। यह इस्लामी जगत न भूले, इसे समझे! अपने लेन-देन में, अपने मामलों में, अपनी समीक्षाओं में यह न भूले कि कौन खड़ा है और उन मज़लूम अवाम और मज़लूम क़ौम पर ज़ुल्म कर रहा है। यह सिर्फ़ ज़ायोनी सरकार नहीं है। अलबत्ता हमें शक नहीं “अल्लाह का वादा सच्चा है और जो लोग यक़ीन नहीं रखते वो आपको (जोश दिलाकर) बेबर्दाश्त न कर दें।” (सूरए रूम-आयत-60) जिन लोगों को अल्लाह के वादे पर यक़ीन नहीं होता वो अपनी बदगुमानियों से आपको डिगा न दें, आपका इरादा कमज़ोर न कर दें। इंशाअल्लाह निश्चित फ़तह जो ज़्यादा दूर नहीं, फ़िलिस्तीन के अवाम और फ़िलिस्तीन की होगी।
इमाम ख़ामेनेई
1/11/2013
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
🎥 ईरान की ताक़त ने दुश्मन को जंग रोकने की दरख़ास्त पर मजबूर कर दिया
◾जो चीज़ इस बात का कारण बनती है कि दुश्मन, ईरानी क़ौम से सैन्य टकराव में पहले तो जंग रोकने की दरख़ास्त करे और फिर यह पैग़ाम दे कि हम आप से जंग नहीं करना चाहते वह ईरानी क़ौम की ताक़त है, वह ईरान की जवान नस्ल की सलाहियत है।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |
◾जो चीज़ इस बात का कारण बनती है कि दुश्मन, ईरानी क़ौम से सैन्य टकराव में पहले तो जंग रोकने की दरख़ास्त करे और फिर यह पैग़ाम दे कि हम आप से जंग नहीं करना चाहते वह ईरानी क़ौम की ताक़त है, वह ईरान की जवान नस्ल की सलाहियत है।
🌐 हमें सोशल मीडिया पर फ़ॉलो करें:
khamenei.ir | Facebook | X |