Watch "Philippines FM Curses Out China “GET THE $#&! OUT!” | EU-China Deal Dead?" on YouTube
https://youtu.be/MoWue2YAvJE
https://youtu.be/MoWue2YAvJE
YouTube
Philippines FM Curses Out China “GET THE $#&! OUT!” | EU-China Deal Dead?
Philippine President Rodrigo Duterte is a fan of cursing. And China's encroachment on the South China Sea, or the West Philippine Sea, is causing some issues with the Philippines. And a major EU China investment deal may be in trouble. That and more on this…
Forwarded from 𝘿Ξ𝘿_𝙂ΞN𝙂.🇮🇳_𝙈Ξ𝙈Ξ'𝙎 (Fiend | 𝘿Ξ𝘿_𝙂ΞN𝙂.🇮🇳)
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
Forwarded from Gaurav Pradhan Gurukul 🇮🇳
पतंजलि तो चोर है,
ढोंगी है,
पाखंडी है.....
अगर मैं कहूँ, कि DRDO को जिस दवा की emergency usage की इजाजत दी गईं है उसके बारे मे पतंजलि ने पिछले साल ही अपनी रिसर्च में बताया था.....तो कैसा लगेगा???
खैर, हमारे देश मे किसी भी चीज़ का संबंध वैदिक या हिंदुत्व से जुड़ा हो.....तो उसे हिकारत की नज़र से देखा जाता है। जो कोई आयुर्वेद की या अन्य देसी चीजों को वकालत करें, उसे भगवा धारी,चड्डी धारी, या और अन्य नामो से जाना जाता है।
मानसिकता ही ऐसी है कि जब तक विदेशी ठप्पा नही लगाता हमे सब कुछ बेकार लगता है। यही कारण है कि Covaxine को 'पानी' बोलते हैं और उसके खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं कुछ लोग।
SANATAN IS SCIENCE
लिंक पिपासुओं को पतंजलि की रिसर्च का सबूत चाहिए होगा.....लीजिये और पढिये
https://www.authorea.com/doi/full/10.22541/au.158567174.40895611
ढोंगी है,
पाखंडी है.....
अगर मैं कहूँ, कि DRDO को जिस दवा की emergency usage की इजाजत दी गईं है उसके बारे मे पतंजलि ने पिछले साल ही अपनी रिसर्च में बताया था.....तो कैसा लगेगा???
खैर, हमारे देश मे किसी भी चीज़ का संबंध वैदिक या हिंदुत्व से जुड़ा हो.....तो उसे हिकारत की नज़र से देखा जाता है। जो कोई आयुर्वेद की या अन्य देसी चीजों को वकालत करें, उसे भगवा धारी,चड्डी धारी, या और अन्य नामो से जाना जाता है।
मानसिकता ही ऐसी है कि जब तक विदेशी ठप्पा नही लगाता हमे सब कुछ बेकार लगता है। यही कारण है कि Covaxine को 'पानी' बोलते हैं और उसके खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं कुछ लोग।
SANATAN IS SCIENCE
लिंक पिपासुओं को पतंजलि की रिसर्च का सबूत चाहिए होगा.....लीजिये और पढिये
https://www.authorea.com/doi/full/10.22541/au.158567174.40895611