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RT Documentary हिंदी के ऑफिशियल चैनल में आपका स्वागत है!
देखिए रूस और दुनिया भर से असली और दिलचस्प कहानियां, हिंदी में!
जानिए समाज, राजनीति, इतिहास, विज्ञान और संस्कृति के बारे में, हमारी डॉक्यूमेंटरी फ़िल्मों से।
हर मंगलवार को हमारे चैनल पर नई फ़िल्म देखिए।
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🪔 RT Documentary की ओर से दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं। जीवन हमेशा रौशनी और रंगों से भरा हो!
रंगीन कहानियां @RTDocumentary_India पर
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🥶 क्या आप जानते हैं कि रूस के सुदूर उत्तर में लोगों की ज़िंदगी कैसी होती है?
वहां खानाबदोश रहते हैं जो बारहसिंगे पालते हैं। -40°C की सर्दी में भी ये लोग टेंट में रहते हैं। शहरों के मुकाबले उनके पास सुविधाएं कम हैं। लेकिन उनकी गर्मजोशी का कारण है उनका परिवार, बारहसिंगे और मातृभूमि के प्रति उनका ढेर सारा प्यार।
रूस के खानाबदोशों की मुश्किलों के बारे में देखिए हमारी टॉप फिल्म “टुंड्रा मां - सब से बड़ी योद्धा”
हर मंगलवार, एक नई डॉक्यूमेंट्री
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वहां खानाबदोश रहते हैं जो बारहसिंगे पालते हैं। -40°C की सर्दी में भी ये लोग टेंट में रहते हैं। शहरों के मुकाबले उनके पास सुविधाएं कम हैं। लेकिन उनकी गर्मजोशी का कारण है उनका परिवार, बारहसिंगे और मातृभूमि के प्रति उनका ढेर सारा प्यार।
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मिलिए डोनबास की अद्भुत महिलाओं से!
ये हैं एक महिला सिपाही, जो 2014 से डोनबास इलाके में यूक्रेन के खिलाफ लड़ रही हैं। इनका नाम है नताल्या। कोड नेम - ड्रैगनफ्लाई! ये एक मेडिकल स्क्वाड की कमांडर हैं। 2014 से पहले वे एम्बुलेंस की डॉक्टर हुआ करती थीं। वे फ्रंट लाइन पर क्यों आईं? वे घायल फौजियों को कैसे बचाती हैं? उनके साथी क्यों मानते हैं कि लड़ाई में औरतों की ज़रूरत है? देखिए, हमारे खास वीडियो में।
नताल्या हमारी आनेवाली फिल्म की हीरोइन हैं। प्रीमियर जल्द होगा।
बने रहिए, @RTDocumentary_India के साथ!
ये हैं एक महिला सिपाही, जो 2014 से डोनबास इलाके में यूक्रेन के खिलाफ लड़ रही हैं। इनका नाम है नताल्या। कोड नेम - ड्रैगनफ्लाई! ये एक मेडिकल स्क्वाड की कमांडर हैं। 2014 से पहले वे एम्बुलेंस की डॉक्टर हुआ करती थीं। वे फ्रंट लाइन पर क्यों आईं? वे घायल फौजियों को कैसे बचाती हैं? उनके साथी क्यों मानते हैं कि लड़ाई में औरतों की ज़रूरत है? देखिए, हमारे खास वीडियो में।
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🇱🇰 श्रीलंका अपने इतिहास के सबसे मुश्किल दौर का सामना कर रहा है।
श्रीलंका पहला दक्षिण पूर्व एशियाई देश है जो विदेशी कर्ज़ चुकाने में असमर्थ रहा। 2022 में देश का कुल कर्ज़ $51 अरब का है। रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने इस द्वीप राष्ट्र को घुटनों पर ला दिया है। तेल की तरह पेट्रोल, दवा और खाने की चीज़ों की कीमतें आसमान छू रही हैं। हमारी फिल्म में देखिए आम लोग कैसे महंगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं। जानिए विशेषज्ञों और सरकारी एजेंसियों का इस संकट के कारणों के बारे में क्या कहना है।
बने रहिए, @RTDocumentary_India के साथ।
श्रीलंका पहला दक्षिण पूर्व एशियाई देश है जो विदेशी कर्ज़ चुकाने में असमर्थ रहा। 2022 में देश का कुल कर्ज़ $51 अरब का है। रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने इस द्वीप राष्ट्र को घुटनों पर ला दिया है। तेल की तरह पेट्रोल, दवा और खाने की चीज़ों की कीमतें आसमान छू रही हैं। हमारी फिल्म में देखिए आम लोग कैसे महंगाई और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं। जानिए विशेषज्ञों और सरकारी एजेंसियों का इस संकट के कारणों के बारे में क्या कहना है।
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रूस में एक विदेशी की ज़िन्दगी।
एक अफ़्रीकी अमेरिकन रूस क्यों रहने आई? फ्रांसिन 2019 में अमेरिका से रूस में रहने चली आईं। उनके फ़ैसले की वजह – भेदभाव और जातिवाद। उनके दादा ने भी कभी यही फ़ैसला लिया था और सोवियत यूनियन आये थे। उनके परिवार की कहानी और कुछ विशेषज्ञों के खयाल हमारे वीडियो से जानिए।
देखिए लोगों की कहानियां, @RTDocumentary_India पर।
एक अफ़्रीकी अमेरिकन रूस क्यों रहने आई? फ्रांसिन 2019 में अमेरिका से रूस में रहने चली आईं। उनके फ़ैसले की वजह – भेदभाव और जातिवाद। उनके दादा ने भी कभी यही फ़ैसला लिया था और सोवियत यूनियन आये थे। उनके परिवार की कहानी और कुछ विशेषज्ञों के खयाल हमारे वीडियो से जानिए।
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विविधता में एकता।
भारत के 4 दिन बाद, राष्ट्रीय एकता दिवस मानाने की बारी रूस की है! 4 नवंबर को रूस का यूनिटी डे यानी राष्ट्रीय एकता दिवस है। सदियों से लगभग इसी समय रूसी लोग कुछ त्यौहार मनाते आये हैं। सोवियत यूनियन बनने से पहले पोलैंड के आक्रमण से आज़ादी, USSR के समय – 1917 के अक्टूबर की क्रांति का वर्षगांठ, और अब – एकता दिवस।
भारत की तरह रूस में भी विभिन्न जातीय समूहों के लोग साथ में रहते हैं, 160 भाषाएं बोली जाती हैं, इसलिए रूस के लिए एकता बड़ी बात है।
जश्न मनाएं, @RTDocumentary_India के साथ!
भारत के 4 दिन बाद, राष्ट्रीय एकता दिवस मानाने की बारी रूस की है! 4 नवंबर को रूस का यूनिटी डे यानी राष्ट्रीय एकता दिवस है। सदियों से लगभग इसी समय रूसी लोग कुछ त्यौहार मनाते आये हैं। सोवियत यूनियन बनने से पहले पोलैंड के आक्रमण से आज़ादी, USSR के समय – 1917 के अक्टूबर की क्रांति का वर्षगांठ, और अब – एकता दिवस।
भारत की तरह रूस में भी विभिन्न जातीय समूहों के लोग साथ में रहते हैं, 160 भाषाएं बोली जाती हैं, इसलिए रूस के लिए एकता बड़ी बात है।
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टुंड्रा में बच्चों की पढ़ाई
रूस के सुदूर उत्तर में नेनेट लोग रहते हैं जो परंपरागत रूप से खानाबदोश हैं। बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए उनके मां-बाप उन्हें बोर्डिंग स्कूल में भेज देते हैं। वहां के बच्चे साल के नौ महीने अपने घर से दूर बिताते हैं। कुछ बच्चों को स्कूल में पढ़ाई करना अच्छा लगता है और कुछ बच्चों को टुंड्रा की आज़ादी ज़्यादा भाती है। हमारी फ़िल्म से जानिए खानाबदोशियों की पढ़ाई की मुश्किलों के बारे में।
हर मंगलवार को एक नई डॉक्यूमेंटरी,
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रूस के सुदूर उत्तर में नेनेट लोग रहते हैं जो परंपरागत रूप से खानाबदोश हैं। बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए उनके मां-बाप उन्हें बोर्डिंग स्कूल में भेज देते हैं। वहां के बच्चे साल के नौ महीने अपने घर से दूर बिताते हैं। कुछ बच्चों को स्कूल में पढ़ाई करना अच्छा लगता है और कुछ बच्चों को टुंड्रा की आज़ादी ज़्यादा भाती है। हमारी फ़िल्म से जानिए खानाबदोशियों की पढ़ाई की मुश्किलों के बारे में।
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मिलिए डोनबास की अद्भुत महिलाओं से!
ये हैं एलेना। ये कीव में पैदा हुई, लेकिन बचपन में अपने मां-बाप के साथ रूस के सुदूर उत्तर में चली आईं। ये अपने शहर की सांसद थीं। अपना काम छोड़कर एलेना स्वयंसेवक के रूप में डोनबास की फ्रंट लाइन पर चली गईं। अब ये एक ट्रूप की पैरामेडिक बन गईं हैं। कीव में उनके रिश्तेदार और दोस्त इनसे बात करना नहीं चाहते हैं। इनको दुश्मन मानते हैं।
एलेना की और फ्रंट लाइन पर लड़ रही दूसरी महिलाओं की कहानियां, देखिए बहुत जल्द, हमारी नई फिल्म में।
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ये हैं एलेना। ये कीव में पैदा हुई, लेकिन बचपन में अपने मां-बाप के साथ रूस के सुदूर उत्तर में चली आईं। ये अपने शहर की सांसद थीं। अपना काम छोड़कर एलेना स्वयंसेवक के रूप में डोनबास की फ्रंट लाइन पर चली गईं। अब ये एक ट्रूप की पैरामेडिक बन गईं हैं। कीव में उनके रिश्तेदार और दोस्त इनसे बात करना नहीं चाहते हैं। इनको दुश्मन मानते हैं।
एलेना की और फ्रंट लाइन पर लड़ रही दूसरी महिलाओं की कहानियां, देखिए बहुत जल्द, हमारी नई फिल्म में।
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