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🔆 मिशन कर्मयोगी और AI-आधारित क्षमता निर्माण
📍 संदर्भ
✅ क्षमता निर्माण के लिए AI पर कार्यक्रम: शासन में बदलाव
✅ क्षमता निर्माण आयोग (CBC) और कर्मयोगी भारत द्वारा आयोजित
✅ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कर्मयोगी क्लासरूम लॉन्च किया
📍 मुख्य विचार
✅ नियम-आधारित से भूमिका-आधारित शासन की ओर बदलाव
✅ सिविल सेवकों के लिए निरंतर, भूमिका-उन्मुख क्षमता निर्माण
✅ AI एक सहायक के रूप में, मानव निर्णय का विकल्प नहीं
📍 बताई गई मुख्य विशेषताएं
✅ iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म मूलभूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में
✅ AI साथी, AI ट्यूटर और दक्षता मैपिंग जैसे AI उपकरण
✅ व्यक्तिगत सीखने के रास्ते और तेज़ योजना
✅ हाइब्रिड मॉडल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस + मानव बुद्धिमत्ता
📍 यह क्यों महत्वपूर्ण है?
✅ शासन में बाधाओं को तोड़ता है
✅ जवाबदेही, परिणाम-उन्मुखता और अनुकूलन क्षमता में सुधार करता है
✅ भविष्य के लिए तैयार, उत्तरदायी सार्वजनिक प्रशासन का निर्माण करता है
🔆 UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न
📍 "क्षमता निर्माण नियम-आधारित से भूमिका-आधारित शासन में बदलाव के लिए केंद्रीय है।"
जांच करें कि मिशन कर्मयोगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग नैतिक, समावेशी और मानव-केंद्रित शासन सुनिश्चित करते हुए सिविल सेवाओं की क्षमता को कैसे मजबूत कर सकता है।
✅ GS-II | शासन और लोक प्रशासन
#GS2
📍 संदर्भ
✅ क्षमता निर्माण के लिए AI पर कार्यक्रम: शासन में बदलाव
✅ क्षमता निर्माण आयोग (CBC) और कर्मयोगी भारत द्वारा आयोजित
✅ केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कर्मयोगी क्लासरूम लॉन्च किया
📍 मुख्य विचार
✅ नियम-आधारित से भूमिका-आधारित शासन की ओर बदलाव
✅ सिविल सेवकों के लिए निरंतर, भूमिका-उन्मुख क्षमता निर्माण
✅ AI एक सहायक के रूप में, मानव निर्णय का विकल्प नहीं
📍 बताई गई मुख्य विशेषताएं
✅ iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म मूलभूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में
✅ AI साथी, AI ट्यूटर और दक्षता मैपिंग जैसे AI उपकरण
✅ व्यक्तिगत सीखने के रास्ते और तेज़ योजना
✅ हाइब्रिड मॉडल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस + मानव बुद्धिमत्ता
📍 यह क्यों महत्वपूर्ण है?
✅ शासन में बाधाओं को तोड़ता है
✅ जवाबदेही, परिणाम-उन्मुखता और अनुकूलन क्षमता में सुधार करता है
✅ भविष्य के लिए तैयार, उत्तरदायी सार्वजनिक प्रशासन का निर्माण करता है
🔆 UPSC मुख्य परीक्षा प्रश्न
📍 "क्षमता निर्माण नियम-आधारित से भूमिका-आधारित शासन में बदलाव के लिए केंद्रीय है।"
जांच करें कि मिशन कर्मयोगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग नैतिक, समावेशी और मानव-केंद्रित शासन सुनिश्चित करते हुए सिविल सेवाओं की क्षमता को कैसे मजबूत कर सकता है।
✅ GS-II | शासन और लोक प्रशासन
#GS2
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🔆 भारतीय कार्बन मार्केट के तहत GHG उत्सर्जन तीव्रता लक्ष्य बढ़ाए गए
✅ नई अधिसूचना (13 जनवरी 2026) के तहत 208 अतिरिक्त कार्बन-गहन संस्थाओं को GHG उत्सर्जन तीव्रता (GEI) लक्ष्यों के दायरे में लाया गया है
✅ नए क्षेत्र शामिल:
• पेट्रोलियम रिफाइनरी
• पेट्रोकेमिकल्स
• कपड़ा
• सेकेंडरी एल्युमीनियम
✅ कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना (CCTS) के तहत लागू → भारतीय कार्बन मार्केट (ICM) का अनुपालन तंत्र
✅ अब कुल कवरेज: भारत के सबसे अधिक उत्सर्जन-गहन उद्योगों में 490 बाध्यकारी संस्थाएँ
📌 पिछला चरण (अक्टूबर 2025): एल्युमीनियम, सीमेंट, क्लोर-अल्कली, पल्प और पेपर (282 संस्थाएँ)
📍 CCTS कैसे काम करता है
✅ दो तंत्र:
• अनुपालन तंत्र → बाध्यकारी उद्योगों के लिए अनिवार्य GEI कमी लक्ष्य
• ऑफसेट तंत्र → उत्सर्जन-कमी परियोजनाओं से स्वैच्छिक क्रेडिट
✅ लक्ष्य से ज़्यादा हासिल करने वाले कार्बन क्रेडिट सर्टिफिकेट (CCC) कमाते हैं
✅ CCCs का उन संस्थाओं के साथ व्यापार किया जा सकता है जो लक्ष्य से पीछे रह जाती हैं → बिना किसी कड़ी सीमा के कार्बन मूल्य निर्धारण
📍 यह क्यों महत्वपूर्ण है
✅ भारत को कमांड-एंड-कंट्रोल से बाजार-आधारित जलवायु विनियमन की ओर ले जाता है
✅ औद्योगिक विकास को जलवायु लक्ष्यों और नेट-जीरो मार्ग के साथ संरेखित करता है
✅ कार्बन सीमा उपायों (जैसे, CBAM) के लिए तैयारी में सुधार करता है
✅ दक्षता, नवाचार और स्वच्छ उत्पादन को प्रोत्साहित करता है
🔆 मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-3 | पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन)
📍 "भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना नियामक नियंत्रणों से बाजार-आधारित जलवायु शासन की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है।"
भारत की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ औद्योगिक विकास को संरेखित करने में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन तीव्रता लक्ष्यों की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण करें।
#GS3 #prelims #environment
✅ नई अधिसूचना (13 जनवरी 2026) के तहत 208 अतिरिक्त कार्बन-गहन संस्थाओं को GHG उत्सर्जन तीव्रता (GEI) लक्ष्यों के दायरे में लाया गया है
✅ नए क्षेत्र शामिल:
• पेट्रोलियम रिफाइनरी
• पेट्रोकेमिकल्स
• कपड़ा
• सेकेंडरी एल्युमीनियम
✅ कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना (CCTS) के तहत लागू → भारतीय कार्बन मार्केट (ICM) का अनुपालन तंत्र
✅ अब कुल कवरेज: भारत के सबसे अधिक उत्सर्जन-गहन उद्योगों में 490 बाध्यकारी संस्थाएँ
📌 पिछला चरण (अक्टूबर 2025): एल्युमीनियम, सीमेंट, क्लोर-अल्कली, पल्प और पेपर (282 संस्थाएँ)
📍 CCTS कैसे काम करता है
✅ दो तंत्र:
• अनुपालन तंत्र → बाध्यकारी उद्योगों के लिए अनिवार्य GEI कमी लक्ष्य
• ऑफसेट तंत्र → उत्सर्जन-कमी परियोजनाओं से स्वैच्छिक क्रेडिट
✅ लक्ष्य से ज़्यादा हासिल करने वाले कार्बन क्रेडिट सर्टिफिकेट (CCC) कमाते हैं
✅ CCCs का उन संस्थाओं के साथ व्यापार किया जा सकता है जो लक्ष्य से पीछे रह जाती हैं → बिना किसी कड़ी सीमा के कार्बन मूल्य निर्धारण
📍 यह क्यों महत्वपूर्ण है
✅ भारत को कमांड-एंड-कंट्रोल से बाजार-आधारित जलवायु विनियमन की ओर ले जाता है
✅ औद्योगिक विकास को जलवायु लक्ष्यों और नेट-जीरो मार्ग के साथ संरेखित करता है
✅ कार्बन सीमा उपायों (जैसे, CBAM) के लिए तैयारी में सुधार करता है
✅ दक्षता, नवाचार और स्वच्छ उत्पादन को प्रोत्साहित करता है
🔆 मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-3 | पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन)
📍 "भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना नियामक नियंत्रणों से बाजार-आधारित जलवायु शासन की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है।"
भारत की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ औद्योगिक विकास को संरेखित करने में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन तीव्रता लक्ष्यों की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण करें।
#GS3 #prelims #environment
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🔆 स्थानीय वन्यजीवों के नुकसान से मच्छर इंसानों को ज़्यादा काटते हैं
📍 मुख्य निष्कर्ष (नई स्टडी)
✅ स्थानीय वन्यजीवों और जंगल के आवासों के नुकसान से मच्छरों के लिए जानवरों की संख्या कम हो जाती है
✅ नतीजा: इंसानी खून पर मच्छरों की निर्भरता बढ़ जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
✅ यह स्टडी ब्राज़ील के अटलांटिक फ़ॉरेस्ट पर आधारित है और इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में पब्लिश हुई है
📍 पारिस्थितिक तंत्र
✅ जंगल की कटाई + आवासों का टूटना → पक्षियों, उभयचरों, स्तनधारियों की संख्या में कमी
✅ मच्छर पास होने और आसानी से मिलने के कारण अलग-अलग जानवरों को छोड़कर इंसानों की ओर रुख करते हैं
✅ मेजबान का चुनाव प्रजातियों की पसंद से ज़्यादा उपलब्धता और दूरी से प्रभावित होता है
📍 मुख्य सबूत
✅ 1,714 मच्छरों (52 प्रजातियों) का विश्लेषण
✅ खून के भोजन का पता लगाया गया:
• उभयचर
• पक्षी
• कृंतक
• इंसान (18 प्रजातियों ने इंसानों का खून पिया)
✅ कम जैव विविधता वाले क्षेत्रों में इंसानों को काटने की दर ज़्यादा थी
📍 सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर
✅ आर्बोवायरस (डेंगू, ज़िका, चिकनगुनिया, मलेरिया) का संक्रमण बढ़ा
✅ भारत के लिए खास प्रासंगिकता:
• दक्षिण एशिया में मलेरिया के कुल मामलों में से ~75% भारत में हैं
• ~95% आबादी मलेरिया-प्रवण क्षेत्रों में रहती है
✅ आवासों के नुकसान से वेक्टर-जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
📍 नीति और रोकथाम की जानकारी
✅ वेक्टर नियंत्रण सिर्फ़ कीटनाशकों तक सीमित नहीं होना चाहिए
✅ इन्हें एकीकृत करें:
• जैव विविधता संरक्षण
• वन संरक्षण
• लैंडस्केप-स्तर की योजना
✅ जंगल काटे गए और शहरी क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में लक्षित निगरानी की ज़रूरत है
📍 मुख्य प्रश्न (GS-III)
“जैव विविधता का नुकसान वेक्टर-जनित बीमारियों के संचरण की गतिशीलता को कैसे प्रभावित करता है? भारत जैसे विकासशील देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के लिए इसके प्रभावों पर चर्चा करें।”
#GS3 #Environment
📍 मुख्य निष्कर्ष (नई स्टडी)
✅ स्थानीय वन्यजीवों और जंगल के आवासों के नुकसान से मच्छरों के लिए जानवरों की संख्या कम हो जाती है
✅ नतीजा: इंसानी खून पर मच्छरों की निर्भरता बढ़ जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
✅ यह स्टडी ब्राज़ील के अटलांटिक फ़ॉरेस्ट पर आधारित है और इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन में पब्लिश हुई है
📍 पारिस्थितिक तंत्र
✅ जंगल की कटाई + आवासों का टूटना → पक्षियों, उभयचरों, स्तनधारियों की संख्या में कमी
✅ मच्छर पास होने और आसानी से मिलने के कारण अलग-अलग जानवरों को छोड़कर इंसानों की ओर रुख करते हैं
✅ मेजबान का चुनाव प्रजातियों की पसंद से ज़्यादा उपलब्धता और दूरी से प्रभावित होता है
📍 मुख्य सबूत
✅ 1,714 मच्छरों (52 प्रजातियों) का विश्लेषण
✅ खून के भोजन का पता लगाया गया:
• उभयचर
• पक्षी
• कृंतक
• इंसान (18 प्रजातियों ने इंसानों का खून पिया)
✅ कम जैव विविधता वाले क्षेत्रों में इंसानों को काटने की दर ज़्यादा थी
📍 सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर
✅ आर्बोवायरस (डेंगू, ज़िका, चिकनगुनिया, मलेरिया) का संक्रमण बढ़ा
✅ भारत के लिए खास प्रासंगिकता:
• दक्षिण एशिया में मलेरिया के कुल मामलों में से ~75% भारत में हैं
• ~95% आबादी मलेरिया-प्रवण क्षेत्रों में रहती है
✅ आवासों के नुकसान से वेक्टर-जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
📍 नीति और रोकथाम की जानकारी
✅ वेक्टर नियंत्रण सिर्फ़ कीटनाशकों तक सीमित नहीं होना चाहिए
✅ इन्हें एकीकृत करें:
• जैव विविधता संरक्षण
• वन संरक्षण
• लैंडस्केप-स्तर की योजना
✅ जंगल काटे गए और शहरी क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में लक्षित निगरानी की ज़रूरत है
📍 मुख्य प्रश्न (GS-III)
“जैव विविधता का नुकसान वेक्टर-जनित बीमारियों के संचरण की गतिशीलता को कैसे प्रभावित करता है? भारत जैसे विकासशील देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के लिए इसके प्रभावों पर चर्चा करें।”
#GS3 #Environment
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🔆 बदलती दुनिया में: 'छोटी टेबल, बड़े फायदे'
📍 मुख्य विचार
✅ ग्लोबल ऑर्डर बिखरा हुआ, भीड़भाड़ वाला, बिना लीडर वाला है
✅ बड़े मल्टीलेटरल फोरम = धीमे, बंटे हुए, एजेंडा से भरे हुए
✅ असली नतीजे अब छोटे, फोकस्ड गठबंधन से निकलते हैं
📍 'छोटी टेबल' क्यों मायने रखती हैं
✅ सहमति बनाना आसान
✅ तेज़ फैसले → डिलीवरी साइकिल
✅ कम डिप्लोमैटिक टकराव
✅ गठबंधन-आधारित लीडरशिप को बढ़ावा, न कि दबदबे को
📍 भारत का रणनीतिक अवसर (2026)
✅ भारत की ताकत डिप्लोमैटिक खाली जगहों में है
✅ ऐसी जगहें जहाँ कोई भी बड़ी शक्ति अकेले लीड नहीं कर सकती
✅ भारत नियम, मानदंड और गठबंधन बना सकता है
📍 यूरोप: पहली परीक्षा
✅ गणतंत्र दिवस पर EU नेताओं का मेहमान बनना = प्रतीकात्मकता से परे संकेत
✅ भारत-EU FTA को आगे बढ़ाने का मौका
✅ फायदे:
• ✅ यूरोपीय बाजारों तक पहुंच
• ✅ फिर से बनाई गई वैल्यू चेन में इंटीग्रेशन
• ✅ अमेरिकी व्यापार की अनिश्चितता के खिलाफ बीमा
⚠️ चुनौती: EU मानकों, डेटा और सस्टेनेबिलिटी मानदंडों का पालन
📍 BRICS: राजनीतिक परीक्षा
✅ विस्तार ने एकजुटता को कम किया है
✅ सदस्य अलग-अलग गति से अलग-अलग नतीजे चाहते हैं
✅ भारत की भूमिका:
• ✅ फोकस बयानबाजी से हटाकर डिलीवरी पर लाना
• ✅ न्यू डेवलपमेंट बैंक का ज़्यादा प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना
• ✅ कम्युनिके को कार्रवाई योग्य फाइनेंस और टूल में बदलना
📍 Quad: कार्यात्मक परीक्षा
✅ विचारधारा से प्रेरित नहीं, बल्कि क्षमता से प्रेरित
✅ फोकस क्षेत्र:
• ✅ समुद्री क्षेत्र की जागरूकता
• ✅ लचीले बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स
• ✅ हिंद महासागर के देशों के लिए क्षमता-निर्माण
✅ ऑपरेशन सागर से सबक: लचीली संपत्तियाँ > बड़े गठबंधन
📍 G20 वास्तविकता की जांच
✅ वैधता और मानदंड-निर्धारण के लिए अभी भी महत्वपूर्ण
⚠️ बड़ी शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता के बीच डिलीवरी में कमजोर
✅ भारत एजेंडा को ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं तक सीमित कर सकता है
📍 भारत के लिए संदेश
✅ भविष्य की कूटनीति = काम करने की व्यवस्था, न कि बड़ी घोषणाएँ
✅ ऐसी टेबल चुनें जो:
• ✅ छोटी हों
• ✅ कार्यात्मक हों
• ✅ ठोस नतीजे दें
✅ 2026 टेबल में शामिल होने के बारे में नहीं, बल्कि उन्हें काम में लाने के बारे में है
📍 UPSC मेन्स अभ्यास प्रश्न
✅ GS पेपर 2 – अंतर्राष्ट्रीय संबंध
"बिखरे हुए बहुपक्षवाद के युग में, छोटे गठबंधन सार्वभौमिक मंचों की तुलना में बेहतर परिणाम दे रहे हैं।"
अपने वैश्विक हितों को आगे बढ़ाने के लिए EU साझेदारी, BRICS और Quad जैसी 'छोटी टेबल' का लाभ उठाने में भारत के रणनीतिक फायदों पर चर्चा करें। (250 शब्द)
#GS2 #InternationalRelations
📍 मुख्य विचार
✅ ग्लोबल ऑर्डर बिखरा हुआ, भीड़भाड़ वाला, बिना लीडर वाला है
✅ बड़े मल्टीलेटरल फोरम = धीमे, बंटे हुए, एजेंडा से भरे हुए
✅ असली नतीजे अब छोटे, फोकस्ड गठबंधन से निकलते हैं
📍 'छोटी टेबल' क्यों मायने रखती हैं
✅ सहमति बनाना आसान
✅ तेज़ फैसले → डिलीवरी साइकिल
✅ कम डिप्लोमैटिक टकराव
✅ गठबंधन-आधारित लीडरशिप को बढ़ावा, न कि दबदबे को
📍 भारत का रणनीतिक अवसर (2026)
✅ भारत की ताकत डिप्लोमैटिक खाली जगहों में है
✅ ऐसी जगहें जहाँ कोई भी बड़ी शक्ति अकेले लीड नहीं कर सकती
✅ भारत नियम, मानदंड और गठबंधन बना सकता है
📍 यूरोप: पहली परीक्षा
✅ गणतंत्र दिवस पर EU नेताओं का मेहमान बनना = प्रतीकात्मकता से परे संकेत
✅ भारत-EU FTA को आगे बढ़ाने का मौका
✅ फायदे:
• ✅ यूरोपीय बाजारों तक पहुंच
• ✅ फिर से बनाई गई वैल्यू चेन में इंटीग्रेशन
• ✅ अमेरिकी व्यापार की अनिश्चितता के खिलाफ बीमा
⚠️ चुनौती: EU मानकों, डेटा और सस्टेनेबिलिटी मानदंडों का पालन
📍 BRICS: राजनीतिक परीक्षा
✅ विस्तार ने एकजुटता को कम किया है
✅ सदस्य अलग-अलग गति से अलग-अलग नतीजे चाहते हैं
✅ भारत की भूमिका:
• ✅ फोकस बयानबाजी से हटाकर डिलीवरी पर लाना
• ✅ न्यू डेवलपमेंट बैंक का ज़्यादा प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना
• ✅ कम्युनिके को कार्रवाई योग्य फाइनेंस और टूल में बदलना
📍 Quad: कार्यात्मक परीक्षा
✅ विचारधारा से प्रेरित नहीं, बल्कि क्षमता से प्रेरित
✅ फोकस क्षेत्र:
• ✅ समुद्री क्षेत्र की जागरूकता
• ✅ लचीले बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स
• ✅ हिंद महासागर के देशों के लिए क्षमता-निर्माण
✅ ऑपरेशन सागर से सबक: लचीली संपत्तियाँ > बड़े गठबंधन
📍 G20 वास्तविकता की जांच
✅ वैधता और मानदंड-निर्धारण के लिए अभी भी महत्वपूर्ण
⚠️ बड़ी शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता के बीच डिलीवरी में कमजोर
✅ भारत एजेंडा को ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं तक सीमित कर सकता है
📍 भारत के लिए संदेश
✅ भविष्य की कूटनीति = काम करने की व्यवस्था, न कि बड़ी घोषणाएँ
✅ ऐसी टेबल चुनें जो:
• ✅ छोटी हों
• ✅ कार्यात्मक हों
• ✅ ठोस नतीजे दें
✅ 2026 टेबल में शामिल होने के बारे में नहीं, बल्कि उन्हें काम में लाने के बारे में है
📍 UPSC मेन्स अभ्यास प्रश्न
✅ GS पेपर 2 – अंतर्राष्ट्रीय संबंध
"बिखरे हुए बहुपक्षवाद के युग में, छोटे गठबंधन सार्वभौमिक मंचों की तुलना में बेहतर परिणाम दे रहे हैं।"
अपने वैश्विक हितों को आगे बढ़ाने के लिए EU साझेदारी, BRICS और Quad जैसी 'छोटी टेबल' का लाभ उठाने में भारत के रणनीतिक फायदों पर चर्चा करें। (250 शब्द)
#GS2 #InternationalRelations
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🔆 क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का न्योता स्वीकार करना चाहिए?
📍 भारत को शामिल होने पर क्यों विचार करना चाहिए
✅ बातचीत में जगह → गाजा के युद्ध के बाद के नतीजों को आकार देने का मौका
✅ एक ज़िम्मेदार वैश्विक हितधारक के रूप में भारत की छवि को मज़बूत करता है
✅ ऐसे फोरम से बाहर रहने से बचाता है जहां वैसे भी फैसले लिए जा सकते हैं
✅ अलगाव के बजाय जुड़ाव के ज़रिए रणनीतिक स्वायत्तता की भारत की परंपरा के साथ तालमेल बिठाता है
📍 भारत को सावधान क्यों रहना चाहिए / मना क्यों करना चाहिए
✅ बोर्ड अमेरिका के नेतृत्व वाला और खुद से बनाया गया है, जो UN की वैधता से बाहर है
✅ फिलिस्तीनी सहमति के बिना थोपी गई शांति में नैतिक रूप से फंसने का जोखिम
✅ भारत की उपनिवेशवाद विरोधी विश्वसनीयता और ग्लोबल साउथ के भरोसे को कम कर सकता है
✅ न्याय, जवाबदेही और सहमति के बिना शांति अन्याय को खत्म नहीं करेगी, बल्कि उसे जमा देगी
📍 मुख्य दुविधा
⚖️ प्रभाव बनाम ईमानदारी
⚖️ व्यावहारिक जुड़ाव बनाम मानक निरंतरता
भारत को अपनी बात रखने और बाहरी रूप से थोपे गए आदेश को वैधता देने के बीच संतुलन बनाना होगा।
🔆 मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2 | 15 अंक)
📍 "बिखरे हुए बहुपक्षवाद के दौर में, छोटे बहुपक्षीय शांति तंत्र में भागीदारी प्रभाव और नैतिक जोखिम दोनों प्रदान करती है।"
इस संदर्भ में, आलोचनात्मक रूप से जांच करें कि क्या भारत को गाजा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले 'शांति बोर्ड' में शामिल होना चाहिए। ऐसे मंचों में भारत के निर्णय लेने में किन सिद्धांतों का मार्गदर्शन होना चाहिए?
#GS2 #InternationalRelations
📍 भारत को शामिल होने पर क्यों विचार करना चाहिए
✅ बातचीत में जगह → गाजा के युद्ध के बाद के नतीजों को आकार देने का मौका
✅ एक ज़िम्मेदार वैश्विक हितधारक के रूप में भारत की छवि को मज़बूत करता है
✅ ऐसे फोरम से बाहर रहने से बचाता है जहां वैसे भी फैसले लिए जा सकते हैं
✅ अलगाव के बजाय जुड़ाव के ज़रिए रणनीतिक स्वायत्तता की भारत की परंपरा के साथ तालमेल बिठाता है
📍 भारत को सावधान क्यों रहना चाहिए / मना क्यों करना चाहिए
✅ बोर्ड अमेरिका के नेतृत्व वाला और खुद से बनाया गया है, जो UN की वैधता से बाहर है
✅ फिलिस्तीनी सहमति के बिना थोपी गई शांति में नैतिक रूप से फंसने का जोखिम
✅ भारत की उपनिवेशवाद विरोधी विश्वसनीयता और ग्लोबल साउथ के भरोसे को कम कर सकता है
✅ न्याय, जवाबदेही और सहमति के बिना शांति अन्याय को खत्म नहीं करेगी, बल्कि उसे जमा देगी
📍 मुख्य दुविधा
⚖️ प्रभाव बनाम ईमानदारी
⚖️ व्यावहारिक जुड़ाव बनाम मानक निरंतरता
भारत को अपनी बात रखने और बाहरी रूप से थोपे गए आदेश को वैधता देने के बीच संतुलन बनाना होगा।
🔆 मुख्य परीक्षा प्रश्न (GS-2 | 15 अंक)
📍 "बिखरे हुए बहुपक्षवाद के दौर में, छोटे बहुपक्षीय शांति तंत्र में भागीदारी प्रभाव और नैतिक जोखिम दोनों प्रदान करती है।"
इस संदर्भ में, आलोचनात्मक रूप से जांच करें कि क्या भारत को गाजा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले 'शांति बोर्ड' में शामिल होना चाहिए। ऐसे मंचों में भारत के निर्णय लेने में किन सिद्धांतों का मार्गदर्शन होना चाहिए?
#GS2 #InternationalRelations
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🔆 भारत का पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क 5 लाख सर्किट किमी पार कर गया
✅ मील का पत्थर हासिल: भारत का ट्रांसमिशन नेटवर्क (≥220 kV) 14 जनवरी 2026 को 5 लाख सर्किट किमी पार कर गया
✅ ग्रिड स्केल: इसमें 1,407 GVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता (≥220 kV) शामिल है
✅ हालिया जुड़ाव: 765 kV भादला II–सीकर II लाइन (628 ckm) ने राजस्थान से ~1,100 MW RE बिजली निकालने में मदद की
✅ 2014 से विकास:
• +71.6% विस्तार
• +2.09 लाख ckm ट्रांसमिशन लाइनें
• +876 GVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता
✅ अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसफर क्षमता: 1,20,340 MW → वन नेशन–वन ग्रिड–वन फ्रीक्वेंसी को चालू करता है
✅ चल रही परियोजनाएं:
• अंतर-राज्य: +40,000 ckm और +399 GVA
• अंतर-राज्य: +27,500 ckm और +134 GVA
✅ रणनीतिक महत्व:
• बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा निकालने में सक्षम बनाता है
• 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य का समर्थन करता है
• ग्रिड की विश्वसनीयता, लचीलापन और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाता है
📌 निचोड़: ट्रांसमिशन विस्तार भारत के ऊर्जा परिवर्तन की महत्वपूर्ण रीढ़ है, न कि केवल उत्पादन।
🔆 मुख्य प्रश्न (GS-3 | ऊर्जा और बुनियादी ढांचा | 10/15 अंक)
📍 "भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बिजली ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे का विस्तार उत्पादन क्षमता जितना ही महत्वपूर्ण है।"
भारत के ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार और 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने में इसकी भूमिका के संदर्भ में चर्चा करें।
#GS3 #Infrastructure #Economy
✅ मील का पत्थर हासिल: भारत का ट्रांसमिशन नेटवर्क (≥220 kV) 14 जनवरी 2026 को 5 लाख सर्किट किमी पार कर गया
✅ ग्रिड स्केल: इसमें 1,407 GVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता (≥220 kV) शामिल है
✅ हालिया जुड़ाव: 765 kV भादला II–सीकर II लाइन (628 ckm) ने राजस्थान से ~1,100 MW RE बिजली निकालने में मदद की
✅ 2014 से विकास:
• +71.6% विस्तार
• +2.09 लाख ckm ट्रांसमिशन लाइनें
• +876 GVA ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता
✅ अंतर-क्षेत्रीय ट्रांसफर क्षमता: 1,20,340 MW → वन नेशन–वन ग्रिड–वन फ्रीक्वेंसी को चालू करता है
✅ चल रही परियोजनाएं:
• अंतर-राज्य: +40,000 ckm और +399 GVA
• अंतर-राज्य: +27,500 ckm और +134 GVA
✅ रणनीतिक महत्व:
• बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा निकालने में सक्षम बनाता है
• 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता लक्ष्य का समर्थन करता है
• ग्रिड की विश्वसनीयता, लचीलापन और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाता है
📌 निचोड़: ट्रांसमिशन विस्तार भारत के ऊर्जा परिवर्तन की महत्वपूर्ण रीढ़ है, न कि केवल उत्पादन।
🔆 मुख्य प्रश्न (GS-3 | ऊर्जा और बुनियादी ढांचा | 10/15 अंक)
📍 "भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बिजली ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे का विस्तार उत्पादन क्षमता जितना ही महत्वपूर्ण है।"
भारत के ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार और 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने में इसकी भूमिका के संदर्भ में चर्चा करें।
#GS3 #Infrastructure #Economy
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी
⛳कब:25 जनवरी
⛳ संस्करण: 16 वां
⛳कहाँ : भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली मे
⛳मुख्य अतिथि के रूप मे/अध्यक्षता : राष्ट्रपति द्रौपति मुर्मू
⛳विषय : "भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक"।
⛳पहली बार: 25 जनवरी 2011
⛳ इसी दिन वर्ष 1950 में भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी
✅1 जनवरी- वैश्विक परिवार दिवस (Global Family Day)
✅4 जनवरी- विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day)
✅6 जनवरी- विश्व युद्ध अनाथ दिवस (World War Orphans Day)
✅10 जनवरी- विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day)
✅12 जनवरी- राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day)
✅15 जनवरी- भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day)
✅24 जनवरी - राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day)
✅25 जनवरी- राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters' Day) भारत पर्यटन दिवस (India Tourism Day)
✅26 जनवरी- अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस (International Customs Day)1
✅27 जनवरी- अंतरराष्ट्रीय होलोकॉस्ट स्मृति दिवस (International Holocaust Remembrance Day)
✅30 जनवरी- विश्व कुष्ठ निवारण दिवस (World Leprosy Day)!
✅4 जनवरी- विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day)
✅6 जनवरी- विश्व युद्ध अनाथ दिवस (World War Orphans Day)
✅10 जनवरी- विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day)
✅12 जनवरी- राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day)
✅15 जनवरी- भारतीय सेना दिवस (Indian Army Day)
✅24 जनवरी - राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day)
✅25 जनवरी- राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters' Day) भारत पर्यटन दिवस (India Tourism Day)
✅26 जनवरी- अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस (International Customs Day)1
✅27 जनवरी- अंतरराष्ट्रीय होलोकॉस्ट स्मृति दिवस (International Holocaust Remembrance Day)
✅30 जनवरी- विश्व कुष्ठ निवारण दिवस (World Leprosy Day)!
गल्फूड 2026 (Gulfood 2026)
दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य एवं पेय प्रदर्शनी है,
कब:26 से 30 जनवरी 2026 तक
कहाँ: पहली बार दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और दुबई एक्सपो सिटी (Dubai Expo City) में आयोजित
भारत इस आयोजन में 161 प्रदर्शकों के साथ 'साझेदार देश' (Partner Country) के रूप में शामिल होगा, जो 25 राज्यों के कृषि-खाद्य उत्पादों का प्रदर्शन करेगा।
फूड
✅वर्ल्ड फड इंडिया 2025 का आयोजन 25 से 28 सितंबर 2025 को भारते मंडपम नई दिल्ली में किया गया
✅भारत का पहला ऑल वुमेन ऑपरेटेड क्लीन स्ट्रीट फूड हब मुंबई में शुरू किया गया.
✅ वर्ल्ड फूड प्राइस 2025 ब्राजील की रहने वाली मारीएंजेला ढुंगरिया को प्रदान किया गया
✅इंड्सफूड का आयोजन ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में किया गया
✅इंडिया फूड एक्सपो का आयोजन लखनऊ उत्तर प्रदेश में किया गया
✅टेस्ट एटलस के द्वारा जारी विश्व की सर्वश्रेष्ठ फूड सिटी रैंकिंग में नेपल्स इटली को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ जबकि भारत का मुंबई शहर वैश्विक स्तर पर पांचवें स्थान पर है.
✅संजीव कपूर को वर्ल्ड फुड प्राइज फाउंडेशन के द्वारा टॉप एग्री फूड पायनियर अवार्ड से सम्मानित किया गया.
✅बच्चों में बढ़ते मोटापे और डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए मेक्सिको के द्वारा विद्यालय में जंक फूड पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
✅ ब्लू फूड सिक्योरिटी सी दू फ्यूचर 2026 का आयोजन इज़राइल के इलियट शहर में किया गया.
#Revision #currentaffairs
तेलंगाना
📌लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हैदराबाद तेलंगाना में किया गया जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति के द्वारा किया गया
📌साफरान कंपनी के द्वारा हैदराबाद तेलंगाना में भारत की पहला वैश्विक रखरखाव, मरम्मत एवं एवं ओवरहाल (MRO) सुविधा की स्थापना की गई
📌विश्व का पहला सेमीकंडक्टर नवाचार संग्रहालय की स्थापना हैदराबाद तेलंगाना में की गई.
📌तेलंगाना में पर्यटक सुरक्षा हेतु समर्पित टूरिज्म पुलिस यूनिट की शुरुआत की गई है.
📌भारत की पहली फीफा टैलेंट अकॅडमी शुरू करने के लिए ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन तथा तेलंगाना सरकार के बीच में समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया
📌राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का मुख्यालय निजामाबाद जिला तेलंगाना में अवस्थित है जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के द्वारा किया गया
#Revision #currentaffairs
तमिलनाडु सर्कुलर इकोनॉमी इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2026
✅नीति का नाम: तमिलनाडु परिपत्र अर्थव्यवस्था निवेश नीति 2026
✅शुभारंभ स्थान: चेन्नई
✅मुख्य फोकस: पुनर्चक्रण, संसाधन दक्षता, परिपत्र उद्योग
तमिलनाडु राज्य पुरस्कार 2026 विरासत और सामाजिक सेवा की पहचान
✅तिरुवल्लुवर पुरस्कार 2026- डॉ. सत्यावेल मुरुगनार
✅कामराजर पुरस्कार 2025- इदयातुल्ला
✅महाकवि भारथियार पुरस्कार 2025- नेल्लै जयनtha
✅पावेंदर भारथिदासन पुरस्कार 2025- कवि युगभारathi
✅थिरु. वि. का. पुरस्कार 2025- इरैयनबु
✅अय्यन तिरुवल्लुवर पुरस्कार -एम. पी. सत्यावेल मुरुगनार
✅तन्थै पेरियार पुरस्कार- अधिवक्ता ए. अरुलमोझी
✅अन्नल अंबेडकर पुरस्कार- एम. सिंतनै सेल्वन
✅पेरारिग्नर अन्ना पुरस्कार- दुरैमुर्गन
✅पुरस्कार राशि -₹5 लाख + एक स्वर्ण सिक्का (एक सॉवरेन)
✅ पुरस्कार प्रदानकर्ता -मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन
✅भारत रेशम की सभी प्रमुख व्यावसायिक किस्में पैदा करता है:
-शहतूत रेशम
-ओक तसर और ट्रॉपिकल तसर
-मूगा रेशम
-एरी रेशम
✅प्रमुख रेशम उत्पादक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं:
-कर्नाटक
-आंध्र प्रदेश
-तमिलनाडु
-पश्चिम बंगाल
-जम्मू और कश्मीर
-शहतूत रेशम
-ओक तसर और ट्रॉपिकल तसर
-मूगा रेशम
-एरी रेशम
✅प्रमुख रेशम उत्पादक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं:
-कर्नाटक
-आंध्र प्रदेश
-तमिलनाडु
-पश्चिम बंगाल
-जम्मू और कश्मीर