ढलते दिसंबर के पास हैं कई खूबसूरत यादें हमारी
तुम आने वाली जनवरी में भी साथ देने का वादा करना
तुम जानते हो , चीज़ें संभालने में ज़रा लापरवाह सी हूं मैं ,
तुम तुम्हारी ओर से इश्क़ थोड़ा ज़्यादा करना ।।❤️
तुम आने वाली जनवरी में भी साथ देने का वादा करना
तुम जानते हो , चीज़ें संभालने में ज़रा लापरवाह सी हूं मैं ,
तुम तुम्हारी ओर से इश्क़ थोड़ा ज़्यादा करना ।।❤️
❤15🥰1👏1
सुकून भरी निगाहों से वो देखता रहा एकटक मुझे ,
मानो मैं सारे जहां की रंगत समेटे बैठी हूं .... 🎀🫠
मानो मैं सारे जहां की रंगत समेटे बैठी हूं .... 🎀🫠
❤15👍1🥰1
Cheers to 2k25 everyone 🥂
May this year brings happiness, success and peace to your life.❤️🧿
Don't forget to
Live . Love . Laugh and Learn .🎁🎉🎁🎉
May this year brings happiness, success and peace to your life.❤️🧿
Don't forget to
Live . Love . Laugh and Learn .🎁🎉🎁🎉
❤12👍1🔥1
ख्वाहिशों का बोझ लिए खड़े हैं हम वहीं पे ,
और हालात है कि जीतते जा रहे हैं....
यूं तो ढलती नहीं एक शाम भी ,
यूं साल दर साल बीतते जा रहे हैं ।। 🍂
और हालात है कि जीतते जा रहे हैं....
यूं तो ढलती नहीं एक शाम भी ,
यूं साल दर साल बीतते जा रहे हैं ।। 🍂
👏11❤6👍1🔥1
ढल जाने दो , दो चार शामें जनवरी की ,
हम दिल से दिसंबर भी निकाल देंगे ....🙂
हम दिल से दिसंबर भी निकाल देंगे ....🙂
❤17🔥2👍1
हर किसी से मिली है मुझे , बंदिशों की जंजीरें सौगात में
तुम मिलने आओ तो तोहफ़े में मेरे लिए आसमान लाना .... 🐸🦋
तुम मिलने आओ तो तोहफ़े में मेरे लिए आसमान लाना .... 🐸🦋
❤13🥰1
He said....
दिल थामो तुम अपना ज़रा नज़रें भरो
देखो , मैं तुम्हारे लिए इश्क़ लाया हूं
जिसका तुम्हे एक अरसे से इंतज़ार था
जिसके कारण , तुम्हारे होठों पे हर एक इनकार था
देरी की नाराज़गी से वाकिफ हूं मैं ,
तुम्हारे लिए झुमके लाया हूं
अब ज़रा मुस्कुरा भी दो
मैं ये मोहब्बत खुल के लाया हूं
तुम कहानियां शुरू करो बीते ज़माने की
बातें करो मुझसे , मेरी निगाहों में रहो
किसी की एक नज़र ना पड़ने दूं मैं तुम पर
मेरी जान , तुम बस मेरी बाहों में रहो
हाथ थाम मेरा , बंदिशे तोड़ो अपनी
ये रिस्क लाया हूं
दिल तुम्हारा अब मैं संभाल लूं
आखिर मैं तुम्हारे लिए इश्क़ लाया हूं ..... ❤️
दिल थामो तुम अपना ज़रा नज़रें भरो
देखो , मैं तुम्हारे लिए इश्क़ लाया हूं
जिसका तुम्हे एक अरसे से इंतज़ार था
जिसके कारण , तुम्हारे होठों पे हर एक इनकार था
देरी की नाराज़गी से वाकिफ हूं मैं ,
तुम्हारे लिए झुमके लाया हूं
अब ज़रा मुस्कुरा भी दो
मैं ये मोहब्बत खुल के लाया हूं
तुम कहानियां शुरू करो बीते ज़माने की
बातें करो मुझसे , मेरी निगाहों में रहो
किसी की एक नज़र ना पड़ने दूं मैं तुम पर
मेरी जान , तुम बस मेरी बाहों में रहो
हाथ थाम मेरा , बंदिशे तोड़ो अपनी
ये रिस्क लाया हूं
दिल तुम्हारा अब मैं संभाल लूं
आखिर मैं तुम्हारे लिए इश्क़ लाया हूं ..... ❤️
❤13👍2
हैरत करूँ, मलाल करूँ, या गिला करूँ,
तुम गैर लग रहे हो बताओ मैं क्या करूँ।
~🫰
तुम गैर लग रहे हो बताओ मैं क्या करूँ।
~
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❤20😢3❤🔥2🤩2👍1🔥1
इक उमर तक मैं उसको बड़ा क़ीमती रहा,
मैं अहम था,ये वहम था,बड़ी देर तक रहा…
~✈️
मैं अहम था,ये वहम था,बड़ी देर तक रहा…
~
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❤🔥16💔3❤2👍1🔥1👏1🤩1
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 ((っ◔◡◔っ) अभिमंद ♥)
प्रेम की परम्परा है,
तुम्हे नम आँखों से खुद को विकल्प बनते देखना होगा!
~☺️
तुम्हे नम आँखों से खुद को विकल्प बनते देखना होगा!
~☺️
❤12👍1🔥1
झुमके , बिंदी और काजल ..... सब छूटे मुझसे न ही ये बिखरी जुल्फें संभली
कि बाद तेरे ये दिल दीवाना हुआ ही नहीं
तेरे दिल से निकाले , आवारा ही रहे हम
कि बाद तेरे मेरा कोई ठिकाना हुआ ही नहीं ..... 🐸🦋
कि बाद तेरे ये दिल दीवाना हुआ ही नहीं
तेरे दिल से निकाले , आवारा ही रहे हम
कि बाद तेरे मेरा कोई ठिकाना हुआ ही नहीं ..... 🐸🦋
❤10👍1
एक दफ़ा जिसे छूने के लिए मैंने घण्टों समय बिताया था!
उसकी चाहत की कसक सिर्फ़ वही समझ पाया था!
मैंने तो बस एक दफ़ा पलटकर मुस्कुराया था!
मोह्हबत का हर फ़र्ज़ उसने निभाया था!
मैं समझी मैं एक अंजान हूँ उसके लिए,
मग़र वो तो मुझे छोड़ने मेरे शहर तलक आया था!
खुदगर्ज़ मैं न जाने किस ज़माने से डरती रही,
मरकर एक रोज,वो तिरंगे में लिपट कर आया था!
आज फ़िर उस इंतज़ार में बैठी हूँ,
शायद आ जाए वो भीगता हुआ,जैसे एक रोज़ आया था!
~अभिमंद🩵
उसकी चाहत की कसक सिर्फ़ वही समझ पाया था!
मैंने तो बस एक दफ़ा पलटकर मुस्कुराया था!
मोह्हबत का हर फ़र्ज़ उसने निभाया था!
मैं समझी मैं एक अंजान हूँ उसके लिए,
मग़र वो तो मुझे छोड़ने मेरे शहर तलक आया था!
खुदगर्ज़ मैं न जाने किस ज़माने से डरती रही,
मरकर एक रोज,वो तिरंगे में लिपट कर आया था!
आज फ़िर उस इंतज़ार में बैठी हूँ,
शायद आ जाए वो भीगता हुआ,जैसे एक रोज़ आया था!
~अभिमंद🩵
❤12💔4👍1🔥1
जूनून की हद् तुम्हें तय करता हूँ।
नाक की नथ तो सामने है,
कानों में छुपे झुमकों से इश्क़ करता हूँ।
तुम सामने हो ,लबों पर खामोशी आती है।
धीरे धीरे फिर यूँ आंखों से शरारत करता हूँ।
वफ़ा बेवफ़ा तो जमाना तय करता है।
मैं तो बस जुनून की हद तक तुम्हे मोह्हबत करता हूँ।
रुकना तो सोच लेना ।
छोड़ता नही मैं, गर बाहों में भरता हूं।
आदतन तुम धीरे धीरे सो जाया करती हो।
सारी सारी रात मैं तुम्हे देखा करता हूँ।
~अभि🫰
नाक की नथ तो सामने है,
कानों में छुपे झुमकों से इश्क़ करता हूँ।
तुम सामने हो ,लबों पर खामोशी आती है।
धीरे धीरे फिर यूँ आंखों से शरारत करता हूँ।
वफ़ा बेवफ़ा तो जमाना तय करता है।
मैं तो बस जुनून की हद तक तुम्हे मोह्हबत करता हूँ।
रुकना तो सोच लेना ।
छोड़ता नही मैं, गर बाहों में भरता हूं।
आदतन तुम धीरे धीरे सो जाया करती हो।
सारी सारी रात मैं तुम्हे देखा करता हूँ।
~अभि
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❤10👍2😍1
दूर से रखो नज़रें तुम उसपे कि उसे जताओ मत
क़रीब रहो मगर एक दूरी के साथ कि उसे सताओ मत
इश्क़ करो , मोहब्बत करो बेपनाह तुम
मगर दिल में रखो हर बात कि उसे बताओ मत ..... 🫠❤️
क़रीब रहो मगर एक दूरी के साथ कि उसे सताओ मत
इश्क़ करो , मोहब्बत करो बेपनाह तुम
मगर दिल में रखो हर बात कि उसे बताओ मत ..... 🫠❤️
❤15👍2🔥2
ख्वाबों का रंगीन होना गुनाह है
इंसान का जहीन होना गुनाह है,
कायरता समझते हैं लोग मधुरता को
जुबान का शालीन होना गुनाह है,
खुद की ही लग जाती है नजर
हसरतों का हसीन होना गुनाह है,
लोग इस्तेमाल करते हैं नमक की तरह
आंसुओं का नमकीन होना गुनाह है,
दुश्मनी हो जाती है मुफ्त में सैंकड़ों से,
इंसान का बेहतरीन होना गुनाह है।
~☂️
इंसान का जहीन होना गुनाह है,
कायरता समझते हैं लोग मधुरता को
जुबान का शालीन होना गुनाह है,
खुद की ही लग जाती है नजर
हसरतों का हसीन होना गुनाह है,
लोग इस्तेमाल करते हैं नमक की तरह
आंसुओं का नमकीन होना गुनाह है,
दुश्मनी हो जाती है मुफ्त में सैंकड़ों से,
इंसान का बेहतरीन होना गुनाह है।
~
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❤9🔥2🤩2👏1
लायी रे हमे जिंदगानी की कहानी एक ऐसे मोड़ पर
हुए रे खुद से पराए हम किसी से नैना जोड़ कर ......❤️
#kalank
हुए रे खुद से पराए हम किसी से नैना जोड़ कर ......❤️
#kalank
❤10👍2🔥1
अपना रवैय्या वही रहा ग़ुर्बतों में भी,
लहज़े में गिरावट मुझे मंजूर ही नहीं!
~🎮 ✅
लहज़े में गिरावट मुझे मंजूर ही नहीं!
~
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❤🔥10🤩2🔥1
वो समझ लेता है मेरी खामोशी भी ,
मुझे हर जगह लफ्ज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती .... 😌❤️
मुझे हर जगह लफ्ज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती .... 😌❤️
🔥11❤6😁3👍1🥰1
↘️
ठहरी ठहरी सी तबीयत में रवानी आई,
आज फिर याद मोहब्बत की कहानी आई,
आज फिर नीँद को आँखों से बिछड़ते देखा,
आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई!
मुद्दतों बाद चला उनपे हमारा जादू
मुद्दतों बाद हमें बात बनानी आई!
~🫰 ✅
ठहरी ठहरी सी तबीयत में रवानी आई,
आज फिर याद मोहब्बत की कहानी आई,
आज फिर नीँद को आँखों से बिछड़ते देखा,
आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई!
मुद्दतों बाद चला उनपे हमारा जादू
मुद्दतों बाद हमें बात बनानी आई!
~
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❤13🔥2🤩1
यूं तो तारीखें याद नहीं रहती मुझे
मगर कुछ दिन हैं जो दिल से निकलते ही नहीं.... ❤️🐸
मगर कुछ दिन हैं जो दिल से निकलते ही नहीं.... ❤️🐸
❤17
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
न जाने कितनी ही बारी काम ये हम कर जाते हैं,
तुमसे ही जिंदा होते हैं, तुम पर ही मर जाते हैं.!
~🫰 🌻
तुमसे ही जिंदा होते हैं, तुम पर ही मर जाते हैं.!
~
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❤15❤🔥2👍1🔥1🤩1