हैरत करूँ, मलाल करूँ, या गिला करूँ,
तुम गैर लग रहे हो बताओ मैं क्या करूँ।
~🫰
तुम गैर लग रहे हो बताओ मैं क्या करूँ।
~
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❤20😢3❤🔥2🤩2👍1🔥1
इक उमर तक मैं उसको बड़ा क़ीमती रहा,
मैं अहम था,ये वहम था,बड़ी देर तक रहा…
~✈️
मैं अहम था,ये वहम था,बड़ी देर तक रहा…
~
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❤🔥16💔3❤2👍1🔥1👏1🤩1
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 ((っ◔◡◔っ) अभिमंद ♥)
प्रेम की परम्परा है,
तुम्हे नम आँखों से खुद को विकल्प बनते देखना होगा!
~☺️
तुम्हे नम आँखों से खुद को विकल्प बनते देखना होगा!
~☺️
❤12👍1🔥1
झुमके , बिंदी और काजल ..... सब छूटे मुझसे न ही ये बिखरी जुल्फें संभली
कि बाद तेरे ये दिल दीवाना हुआ ही नहीं
तेरे दिल से निकाले , आवारा ही रहे हम
कि बाद तेरे मेरा कोई ठिकाना हुआ ही नहीं ..... 🐸🦋
कि बाद तेरे ये दिल दीवाना हुआ ही नहीं
तेरे दिल से निकाले , आवारा ही रहे हम
कि बाद तेरे मेरा कोई ठिकाना हुआ ही नहीं ..... 🐸🦋
❤10👍1
एक दफ़ा जिसे छूने के लिए मैंने घण्टों समय बिताया था!
उसकी चाहत की कसक सिर्फ़ वही समझ पाया था!
मैंने तो बस एक दफ़ा पलटकर मुस्कुराया था!
मोह्हबत का हर फ़र्ज़ उसने निभाया था!
मैं समझी मैं एक अंजान हूँ उसके लिए,
मग़र वो तो मुझे छोड़ने मेरे शहर तलक आया था!
खुदगर्ज़ मैं न जाने किस ज़माने से डरती रही,
मरकर एक रोज,वो तिरंगे में लिपट कर आया था!
आज फ़िर उस इंतज़ार में बैठी हूँ,
शायद आ जाए वो भीगता हुआ,जैसे एक रोज़ आया था!
~अभिमंद🩵
उसकी चाहत की कसक सिर्फ़ वही समझ पाया था!
मैंने तो बस एक दफ़ा पलटकर मुस्कुराया था!
मोह्हबत का हर फ़र्ज़ उसने निभाया था!
मैं समझी मैं एक अंजान हूँ उसके लिए,
मग़र वो तो मुझे छोड़ने मेरे शहर तलक आया था!
खुदगर्ज़ मैं न जाने किस ज़माने से डरती रही,
मरकर एक रोज,वो तिरंगे में लिपट कर आया था!
आज फ़िर उस इंतज़ार में बैठी हूँ,
शायद आ जाए वो भीगता हुआ,जैसे एक रोज़ आया था!
~अभिमंद🩵
❤12💔4👍1🔥1
जूनून की हद् तुम्हें तय करता हूँ।
नाक की नथ तो सामने है,
कानों में छुपे झुमकों से इश्क़ करता हूँ।
तुम सामने हो ,लबों पर खामोशी आती है।
धीरे धीरे फिर यूँ आंखों से शरारत करता हूँ।
वफ़ा बेवफ़ा तो जमाना तय करता है।
मैं तो बस जुनून की हद तक तुम्हे मोह्हबत करता हूँ।
रुकना तो सोच लेना ।
छोड़ता नही मैं, गर बाहों में भरता हूं।
आदतन तुम धीरे धीरे सो जाया करती हो।
सारी सारी रात मैं तुम्हे देखा करता हूँ।
~अभि🫰
नाक की नथ तो सामने है,
कानों में छुपे झुमकों से इश्क़ करता हूँ।
तुम सामने हो ,लबों पर खामोशी आती है।
धीरे धीरे फिर यूँ आंखों से शरारत करता हूँ।
वफ़ा बेवफ़ा तो जमाना तय करता है।
मैं तो बस जुनून की हद तक तुम्हे मोह्हबत करता हूँ।
रुकना तो सोच लेना ।
छोड़ता नही मैं, गर बाहों में भरता हूं।
आदतन तुम धीरे धीरे सो जाया करती हो।
सारी सारी रात मैं तुम्हे देखा करता हूँ।
~अभि
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❤10👍2😍1
दूर से रखो नज़रें तुम उसपे कि उसे जताओ मत
क़रीब रहो मगर एक दूरी के साथ कि उसे सताओ मत
इश्क़ करो , मोहब्बत करो बेपनाह तुम
मगर दिल में रखो हर बात कि उसे बताओ मत ..... 🫠❤️
क़रीब रहो मगर एक दूरी के साथ कि उसे सताओ मत
इश्क़ करो , मोहब्बत करो बेपनाह तुम
मगर दिल में रखो हर बात कि उसे बताओ मत ..... 🫠❤️
❤15👍2🔥2
ख्वाबों का रंगीन होना गुनाह है
इंसान का जहीन होना गुनाह है,
कायरता समझते हैं लोग मधुरता को
जुबान का शालीन होना गुनाह है,
खुद की ही लग जाती है नजर
हसरतों का हसीन होना गुनाह है,
लोग इस्तेमाल करते हैं नमक की तरह
आंसुओं का नमकीन होना गुनाह है,
दुश्मनी हो जाती है मुफ्त में सैंकड़ों से,
इंसान का बेहतरीन होना गुनाह है।
~☂️
इंसान का जहीन होना गुनाह है,
कायरता समझते हैं लोग मधुरता को
जुबान का शालीन होना गुनाह है,
खुद की ही लग जाती है नजर
हसरतों का हसीन होना गुनाह है,
लोग इस्तेमाल करते हैं नमक की तरह
आंसुओं का नमकीन होना गुनाह है,
दुश्मनी हो जाती है मुफ्त में सैंकड़ों से,
इंसान का बेहतरीन होना गुनाह है।
~
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❤9🔥2🤩2👏1
लायी रे हमे जिंदगानी की कहानी एक ऐसे मोड़ पर
हुए रे खुद से पराए हम किसी से नैना जोड़ कर ......❤️
#kalank
हुए रे खुद से पराए हम किसी से नैना जोड़ कर ......❤️
#kalank
❤10👍2🔥1
अपना रवैय्या वही रहा ग़ुर्बतों में भी,
लहज़े में गिरावट मुझे मंजूर ही नहीं!
~🎮 ✅
लहज़े में गिरावट मुझे मंजूर ही नहीं!
~
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❤🔥10🤩2🔥1
वो समझ लेता है मेरी खामोशी भी ,
मुझे हर जगह लफ्ज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती .... 😌❤️
मुझे हर जगह लफ्ज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती .... 😌❤️
🔥11❤6😁3👍1🥰1
↘️
ठहरी ठहरी सी तबीयत में रवानी आई,
आज फिर याद मोहब्बत की कहानी आई,
आज फिर नीँद को आँखों से बिछड़ते देखा,
आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई!
मुद्दतों बाद चला उनपे हमारा जादू
मुद्दतों बाद हमें बात बनानी आई!
~🫰 ✅
ठहरी ठहरी सी तबीयत में रवानी आई,
आज फिर याद मोहब्बत की कहानी आई,
आज फिर नीँद को आँखों से बिछड़ते देखा,
आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई!
मुद्दतों बाद चला उनपे हमारा जादू
मुद्दतों बाद हमें बात बनानी आई!
~
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❤13🔥2🤩1
यूं तो तारीखें याद नहीं रहती मुझे
मगर कुछ दिन हैं जो दिल से निकलते ही नहीं.... ❤️🐸
मगर कुछ दिन हैं जो दिल से निकलते ही नहीं.... ❤️🐸
❤17
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
न जाने कितनी ही बारी काम ये हम कर जाते हैं,
तुमसे ही जिंदा होते हैं, तुम पर ही मर जाते हैं.!
~🫰 🌻
तुमसे ही जिंदा होते हैं, तुम पर ही मर जाते हैं.!
~
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❤15❤🔥2👍1🔥1🤩1
मेरे हिस्से में आयी
एक दुनिया ख्वाबों की , कुछ छिपी हुई गज़लें , एक लंबा इंतज़ार और एकतरफा प्यार .....
काश ! मेरे हिस्से में तू भी आया होता ...🌙
एक दुनिया ख्वाबों की , कुछ छिपी हुई गज़लें , एक लंबा इंतज़ार और एकतरफा प्यार .....
काश ! मेरे हिस्से में तू भी आया होता ...🌙
❤15
सच्ची मोहब्बत होगी , ज़िंदगी का एक हिस्सा संभलने के बाद ,
ये जवानी के इश्क़ तो सीखने सिखाने के दिन हैं ।।🦋
ये जवानी के इश्क़ तो सीखने सिखाने के दिन हैं ।।🦋
💔18😁2❤1🥰1
मेरा साथ देने का दावा करने वालों सुनो,
मैं अकेलेपन की जड़ तक अकेला हूँ!
~Abhiwrites❣
मैं अकेलेपन की जड़ तक अकेला हूँ!
~Abhiwrites❣
❤12🔥3👍2😁1
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
मैं तो सारे जहां की बर्बादी चाहता हूँ।
रख ले समेट दुनिया जहां का दर्द।
सीना एक ऐसा फौलादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
भूल जाऊं मैं भी इश्क़दारी सारी।
कल्पनाओं से परे एक शहज़ादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हर गम में शामिल, रहे चेहरे पर हसीं।
ख़ुद को तेरी बाहों का आदी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हुस्न वालों को खुदा पहले उठाये।
धोका देने वालों की पहले बर्बादी चाहता हूं।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
मैं तो सारे जहाँ की बर्बादी चाहता हूँ।
~Abhiwrites🩶
मैं तो सारे जहां की बर्बादी चाहता हूँ।
रख ले समेट दुनिया जहां का दर्द।
सीना एक ऐसा फौलादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
भूल जाऊं मैं भी इश्क़दारी सारी।
कल्पनाओं से परे एक शहज़ादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हर गम में शामिल, रहे चेहरे पर हसीं।
ख़ुद को तेरी बाहों का आदी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हुस्न वालों को खुदा पहले उठाये।
धोका देने वालों की पहले बर्बादी चाहता हूं।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
मैं तो सारे जहाँ की बर्बादी चाहता हूँ।
~Abhiwrites🩶
❤9🔥1
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
दूर रहना मुझसे, हर ख़्वाब हर हक़ीक़त में!
तुम मिल जाओगे, तो मैं चाहूंगा क्या!
~अभि🫰
तुम मिल जाओगे, तो मैं चाहूंगा क्या!
~अभि
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❤14🔥1💯1
चुम कर तुझको ,शायद मैं मर जाऊँगा!
तेरे होंठो पर, इश्क़ का ज़हर जो लगा है!
~अभि🫰
तेरे होंठो पर, इश्क़ का ज़हर जो लगा है!
~अभि
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❤10👍3🤩2🔥1
लड़के नहीं बताते अपनी परेशानियां किसी को,
वो बस घण्टो चुपचाप बैठे रहते है किसी चाय की दुकान पर!
~Abhi🫰
वो बस घण्टो चुपचाप बैठे रहते है किसी चाय की दुकान पर!
~Abhi
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