सच्ची मोहब्बत होगी , ज़िंदगी का एक हिस्सा संभलने के बाद ,
ये जवानी के इश्क़ तो सीखने सिखाने के दिन हैं ।।🦋
ये जवानी के इश्क़ तो सीखने सिखाने के दिन हैं ।।🦋
💔18😁2❤1🥰1
मेरा साथ देने का दावा करने वालों सुनो,
मैं अकेलेपन की जड़ तक अकेला हूँ!
~Abhiwrites❣
मैं अकेलेपन की जड़ तक अकेला हूँ!
~Abhiwrites❣
❤12🔥3👍2😁1
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
मैं तो सारे जहां की बर्बादी चाहता हूँ।
रख ले समेट दुनिया जहां का दर्द।
सीना एक ऐसा फौलादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
भूल जाऊं मैं भी इश्क़दारी सारी।
कल्पनाओं से परे एक शहज़ादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हर गम में शामिल, रहे चेहरे पर हसीं।
ख़ुद को तेरी बाहों का आदी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हुस्न वालों को खुदा पहले उठाये।
धोका देने वालों की पहले बर्बादी चाहता हूं।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
मैं तो सारे जहाँ की बर्बादी चाहता हूँ।
~Abhiwrites🩶
मैं तो सारे जहां की बर्बादी चाहता हूँ।
रख ले समेट दुनिया जहां का दर्द।
सीना एक ऐसा फौलादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
भूल जाऊं मैं भी इश्क़दारी सारी।
कल्पनाओं से परे एक शहज़ादी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हर गम में शामिल, रहे चेहरे पर हसीं।
ख़ुद को तेरी बाहों का आदी चाहता हूँ।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
हुस्न वालों को खुदा पहले उठाये।
धोका देने वालों की पहले बर्बादी चाहता हूं।
मैंने कब कहा मैं आबादी चाहता हूँ।
मैं तो सारे जहाँ की बर्बादी चाहता हूँ।
~Abhiwrites🩶
❤9🔥1
Forwarded from 💓सुकूँन 💓 (~अभिमंद ᥫ᭡፝֟፝֟)
दूर रहना मुझसे, हर ख़्वाब हर हक़ीक़त में!
तुम मिल जाओगे, तो मैं चाहूंगा क्या!
~अभि🫰
तुम मिल जाओगे, तो मैं चाहूंगा क्या!
~अभि
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❤14🔥1💯1
चुम कर तुझको ,शायद मैं मर जाऊँगा!
तेरे होंठो पर, इश्क़ का ज़हर जो लगा है!
~अभि🫰
तेरे होंठो पर, इश्क़ का ज़हर जो लगा है!
~अभि
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❤10👍3🤩2🔥1
लड़के नहीं बताते अपनी परेशानियां किसी को,
वो बस घण्टो चुपचाप बैठे रहते है किसी चाय की दुकान पर!
~Abhi🫰
वो बस घण्टो चुपचाप बैठे रहते है किसी चाय की दुकान पर!
~Abhi
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❤11👍1
समंदर को गुरुर रहा उसकी गहराई पर
और
मुझे उसके ठहराव से इश्क़ हो गया ...🩵
और
मुझे उसके ठहराव से इश्क़ हो गया ...🩵
❤12👍1
मैं ठहरा गणित का विद्यार्थी ,
मग़र उसकी जुल्फों में उलझा रहता था!
~अभि🫰
मग़र उसकी जुल्फों में उलझा रहता था!
~अभि
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❤12
उसे ये गुमान के मुझे मयस्सर नहीं कोई
मुझे ये फितूर के दिल किस किस को दूं ... 🦋
मुझे ये फितूर के दिल किस किस को दूं ... 🦋
❤11👏1
समंदर सी ख्वाइशें है अपनी,
समंदर कभी लहरों के बिछड़ने का अफसोस नहीं मनाता!
~अभि🫰
समंदर कभी लहरों के बिछड़ने का अफसोस नहीं मनाता!
~अभि
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🔥11👍2❤1
मुक्कमल ना हुई जो पहली मोहब्बत
तो सोचा , पहला ख़्वाब पूरा कर लूं
दिल टूटा रहे ताउम्र मगर
चेहरे पर रुआब पूरा कर लूं.... 😌
तो सोचा , पहला ख़्वाब पूरा कर लूं
दिल टूटा रहे ताउम्र मगर
चेहरे पर रुआब पूरा कर लूं.... 😌
🔥11❤6👍1
उलझनों और जिम्मेदारियों ने थामे रखा हाथ मेरा ,
फुरसतें पुछती रही , हमे वक्त कब दोगे ....?🙂😌
फुरसतें पुछती रही , हमे वक्त कब दोगे ....?🙂😌
❤14👍1
चाहती है वो कि मेरी बाहों में आके सारा दर्द रो ले।
लेकिन मजबूर मैं, किसी के यादों के धागों से बंधा हूँ।
~अभि🩵
लेकिन मजबूर मैं, किसी के यादों के धागों से बंधा हूँ।
~अभि🩵
❤11❤🔥2🔥1
मेरी नफ़रत के हक़दार सिर्फ वो कहलाए,
जिन्हें मयस्सर रहा तेरे आस पास रहना!
~अभि🫰
जिन्हें मयस्सर रहा तेरे आस पास रहना!
~अभि🫰
❤11
समझदारियां छीन लेंगी चेहरे की सारी हंसी
लुत्फ़ जो है..... नादानियों में ही है ।।
लुत्फ़ जो है..... नादानियों में ही है ।।
Good morning everyone 🌸🌞❤13👍1
तेरी आज़ाद निगाहे,
मेरी प्यासी खामोशी को कैसे पढेंगी!
~अभि🫰
मेरी प्यासी खामोशी को कैसे पढेंगी!
~अभि
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❤11
ज़रा सी तबियत बिगड़ने पे उसकी ,
मैं , खयाल, सवाल, फिक्र, दुआ...
सब करती हूं.
उलझा उलझा सा रवैया है वरना,
मैं लहज़े में लापरवाहियां लिए फिरती हूं।😌🎀
मैं , खयाल, सवाल, फिक्र, दुआ...
सब करती हूं.
उलझा उलझा सा रवैया है वरना,
मैं लहज़े में लापरवाहियां लिए फिरती हूं।😌🎀
🔥10❤2
मुझे बस इक काम आता है, ये लफ़्ज़ों को बनाने का!
कभी कम बनाता हूँ कभी बहुत सारे बनाता हूँ।
कभी मीठे बनाता हूँ, कभी खारे बनाता हूँ!
कभी चांद तो कभी तारे बनाता हूँ।
टूटे हुए इंसानों के सहारे बनाता हूँ।
जिसने जैसा देखा वैसा पाया मुझे।
कभी समंदर तो कभी किनारे बनाता हूँ!
कभी आग जलाता हूँ कभी अंगारे बनाता हूँ।
मैं कितना भी बेरंग रहूं तेरे लिए।
कभी तितली, कभी जुगुन कभी तारे बनाता हूँ।
आपने कहा न मेरी आवाज़ से मैं नही मिलता।
तो कभी पतझड़ तो कभी बहारें बनाता हूँ।
आंखों को जिसका इंतज़ार रहे, वो खूबसूरत नजारे बनाता हूँ।
~Abhiwrites✅
कभी कम बनाता हूँ कभी बहुत सारे बनाता हूँ।
कभी मीठे बनाता हूँ, कभी खारे बनाता हूँ!
कभी चांद तो कभी तारे बनाता हूँ।
टूटे हुए इंसानों के सहारे बनाता हूँ।
जिसने जैसा देखा वैसा पाया मुझे।
कभी समंदर तो कभी किनारे बनाता हूँ!
कभी आग जलाता हूँ कभी अंगारे बनाता हूँ।
मैं कितना भी बेरंग रहूं तेरे लिए।
कभी तितली, कभी जुगुन कभी तारे बनाता हूँ।
आपने कहा न मेरी आवाज़ से मैं नही मिलता।
तो कभी पतझड़ तो कभी बहारें बनाता हूँ।
आंखों को जिसका इंतज़ार रहे, वो खूबसूरत नजारे बनाता हूँ।
~Abhiwrites
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❤9🤩2🔥1
कुछ ऐसे वो अपनी मोहब्बत का आगाज़ करते है,
आंखों में शरारत लिए वो मुझसे दिल लगाने की बात करते है!
कहते है आप यकीनन इंसान अच्छे हो,
फिर ये कौन है जो आपसे दूर जाने की बात करते है!
~अभि🫰
आंखों में शरारत लिए वो मुझसे दिल लगाने की बात करते है!
कहते है आप यकीनन इंसान अच्छे हो,
फिर ये कौन है जो आपसे दूर जाने की बात करते है!
~अभि
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❤8🔥2