रूठूंगी मैं तुमसे एक दिन इस बात पे
जब रूठी थी तो मनाया क्यूं नहीं
मुंह फेर कर जब खड़ी थी मैं वहां
बुलाकर पास अपने सीने से लगाया क्यूं नहीं
पकड़ कर तेरा हाथ पूछूंगी मैं कि
हक अपना तूने मुझ पर जताया क्यूं नहीं
इस धागे का एक सिरा तुम्हारे पास भी तो था
उलझा था अगर मुझसे तो तुमने सुलझाया क्यूं नहीं ।।
जब रूठी थी तो मनाया क्यूं नहीं
मुंह फेर कर जब खड़ी थी मैं वहां
बुलाकर पास अपने सीने से लगाया क्यूं नहीं
पकड़ कर तेरा हाथ पूछूंगी मैं कि
हक अपना तूने मुझ पर जताया क्यूं नहीं
इस धागे का एक सिरा तुम्हारे पास भी तो था
उलझा था अगर मुझसे तो तुमने सुलझाया क्यूं नहीं ।।
❤9
किस मज़हब का बना है ये चांद तू!
ईद भी तेरी,करवाचौथ भी तेरा!
~⭐️
ईद भी तेरी,करवाचौथ भी तेरा!
~
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❤7🔥3🤩1💯1
न भेजे सारे खतों का जवाब लाना ,
तोहफ़े में हां ,
और सुकून से साथ बिताने वाली शाम लाना
तुम अगली ज़िंदगी की सारी सांसे मेरे नाम लाना 💜
तोहफ़े में हां ,
और सुकून से साथ बिताने वाली शाम लाना
तुम अगली ज़िंदगी की सारी सांसे मेरे नाम लाना 💜
❤12
जमीं पे ना मुक्कमल हुई दास्तां ,
तो , थक कर , आसमां का सितारा वो एक रोज़ बन गया
ज़माने के कहे , मोहब्बत उसके बस की बात नहीं, और
वो इश्क़ में इमरोज़ बन गया .... 🪷
तो , थक कर , आसमां का सितारा वो एक रोज़ बन गया
ज़माने के कहे , मोहब्बत उसके बस की बात नहीं, और
वो इश्क़ में इमरोज़ बन गया .... 🪷
❤7❤🔥3👏1
वो भी अपने ना हुए , दिल भी गया हाथों से ...
ऐसे आने से तो बेहतर था , ना आना उनका .. 💔
ऐसे आने से तो बेहतर था , ना आना उनका .. 💔
❤9💔4
" पूरा दिन गुज़र गया और आपने याद तक ना किया .... ? "
मुझे नहीं पता था कि इश्क़ में भी इतवार होता है...!!
मुझे नहीं पता था कि इश्क़ में भी इतवार होता है...!!
❤9😁6😢3💔2
शगुफ्ता लोग भी टूटे होते हैं अंदर से
बहुत रोते हैं वो , जिनको लतीफे याद रहते हैं ... 💜
~इब्नेबतूती ( दिव्यप्रकाश दूबे )
बहुत रोते हैं वो , जिनको लतीफे याद रहते हैं ... 💜
~इब्नेबतूती ( दिव्यप्रकाश दूबे )
❤9😢1
शुक्र है!
ईश्वर ने!
दुःख सहने वालों के साथ रखा!
दुःख देने वालों के साथ नहीं!
~Abhi⭐️
ईश्वर ने!
दुःख सहने वालों के साथ रखा!
दुःख देने वालों के साथ नहीं!
~Abhi
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❤7
स्याह रात घिरते ही लौट आयेंगे गुज़रे ज़माने वापिस ,
मैं तेरी यादों को मशरूफियत का बहाना आख़िर कब तक दूंगा ..... 🥂
मैं तेरी यादों को मशरूफियत का बहाना आख़िर कब तक दूंगा ..... 🥂
❤10
हर शाम एक बदला हुआ किस्सा ,
हर सुबह एक नई कहानी है ,
ये सितम्बर , ये सुकून , ये सर्द इश्क
कुछ मुझपे खुमार है उसका , कुछ मौसम की मेहरबानी है ।। ☘
हर सुबह एक नई कहानी है ,
ये सितम्बर , ये सुकून , ये सर्द इश्क
कुछ मुझपे खुमार है उसका , कुछ मौसम की मेहरबानी है ।। ☘
❤10
वो जादू , वो जज़्बात , वो सुकून , वो सिलसिला ही नहीं
किताबें लिखीं है जिस प्यार पे , वो तो खैर , मिला ही नहीं .... 🤷♀
किताबें लिखीं है जिस प्यार पे , वो तो खैर , मिला ही नहीं .... 🤷♀
❤12
उसे लगता है जब चाहेगा , लौट आयेगा किरदार में ,
उसे मालूम ही नहीं कि कहानी ख़त्म हो चुकी है.... 🍂
उसे मालूम ही नहीं कि कहानी ख़त्म हो चुकी है.... 🍂
❤🔥8❤3👏2
किस्मत की जीत का फ़ैसला था सबका , मन की हार का किसी ने सोचा ही नहीं
कहानी की परवाह रही हर किसी को , किरदार का किसी ने सोचा ही नहीं .... 🍂
कहानी की परवाह रही हर किसी को , किरदार का किसी ने सोचा ही नहीं .... 🍂
❤13
कभी आंखे बंद करके महसूस करना।
तेरी कमाई में, फ़क्त मैं हूँ।
~Abhiwrites🩷
तेरी कमाई में, फ़क्त मैं हूँ।
~Abhiwrites
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❤7🔥1
हकीकत बने तू ज़रा, अब मुझे ना कोई वहम चाहिए
ना फूल , ना किताबें , ना ढलता सूरज , ना चढ़ता चंद्रमा
मुझे तुम चाहिए .... 🥺
ना फूल , ना किताबें , ना ढलता सूरज , ना चढ़ता चंद्रमा
मुझे तुम चाहिए .... 🥺
❤13
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मुझे है याद वो सब .... जो कभी हुआ ही नहीं 💔
❤9🥰1💯1
वक्त ने भर दिए कुछ ज़ख्म
और यादें भी अब कम खलती है
मगर किताबों पे धूल जमने से कहानियां कहां बदलती है।। 🍁
और यादें भी अब कम खलती है
मगर किताबों पे धूल जमने से कहानियां कहां बदलती है।। 🍁
❤11